Soya Chaap Recipe in Hindi- घर पर कैसे बनाए सोया चाप

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दोस्तों, Soya chaap भारत में सबसे लोकप्रिय स्ट्रीट फूड में से एक है। Soya chaap एक बहुत ही आसान और सरल रेसिपी है। यह एक हेल्दी और टेस्टी रेसिपी भी है। प्रोटीन से भरपूर Soya chaap मसाला को लंच या डिनर किसी भी वक्त बनाकर खाया जा सकता है।

Soya chaap

नॉनवेज खाने वाले लोगों को Soya chaap मसाला वेज होने के बावजूद काफी पसंद आता है क्योंकि ये उन्हें कहीं न कहीं नॉनवेज जैसा मज़ा देता है। आप भी अगर अपने लंच या डिनर में Soya chaap मसाला ट्राई करना चाहते हैं तो हमारी बताई रेसिपी आपके काफी काम आ सकती है। आपने अगर अब तक इस रेसिपी को ट्राई नहीं किया है तो हमारी बताई रेसिपी की मदद से इसे आसानी से बना सकते हैं।

Soya Chaap बनाने की सामग्री :

कभी नहीं सोचा था कि Soya chaap करी को स्वादिष्ट परोसने के लिए घर पर चाप बनाना इतना आसान होगा। अब सोया स्टिक लाने के लिए बाजार नहीं भागना पड़ेगा, बल्कि उन्हें घर पर ही पकाना पड़ेगा।

  • Soya chaap स्टिक – 10 से 12
  • दही 
  • 1 से 2 कप प्याज बारीक कटा हुआ 
  • 2 टमाटर 
  • 4 अदरक-लहसुन पेस्ट 
  • 1 टी स्पूनहल्दी 
  • 1 टी स्पूनलाल मिर्च पाउडर 
  • 1 से 2 टी स्पून गरम मसाला 
  • 1 से 2 टी स्पूनतेजपत्ता 
  • 1 दालचीनी 
  • 1 इंच टुकड़ाइलायची –
  •  2 जीरा पाउडर 
  • 1 से 2 टी स्पूनकसूरी मेथी 
  •  1 टी स्पूनधनिया पाउडर 
  •  1 टी स्पूनसाबुत जीरा 
  • 1 टी स्पूनलौंग 
  • 4 से 5 मक्खन 
  • 1 टी स्पूनतेल –
  • जरुरत के मुताबिकनमक या अपने स्वादानुसार

Soya Chaap बनाने की विधि :

  • Soya chaap बनाने के लिए सबसे पहले Soya chaap को लेकर उन्हें पानी में अच्छी तरह से धो ले।
  • इसके बाद Soya chaap के टुकड़े काट लें। टुकड़े थोड़े बड़े रखें जिससे फ्राई करना आसान रहेगा। अब एक कड़ाही में तेल डालकर उसे गर्म करें। जब तेल गर्म हो जाए तो Soya chaap के पीसेस डालकर उन्हें डीप फ्राई करें। चाप का रंग जब सुनहरा होकर वे क्रिस्पी हो जाएं तो गैस बंद कर उन्हें एक बर्तन में निकाल लें।
  • अब फ्राइड Soya chaap में दही, आधा चम्मच हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, गरम मसाला और स्वादानुसार नमक डालकर उन्हें अच्छी तरह से मिक्स करें और बर्तन को ढककर चाप को लगभग आधा घंटे तक मैरिनेट होने के लिए रख दें। अब एक अन्य कड़ाही लें और उसमें 2 टेबलस्पून तेल डालकर गर्म करें। तेल गर्म होने के बाद उसमें बारीक कटा प्याज, अदरक-लहसुन का पेस्ट डालें और प्याज को हल्का सुनहरा होने तक भूनें। इसके बाद इसमें कटे टमाटर डालकर मिलाएं और अच्छी तरह से नमक होने तक पकने दें। इसके बाद गैस बंद कर दें। जब ये मसाला ठंडा हो जाए तो मिक्सी की मदद से इसे पीसकर पेस्ट तैयार कर लें और एक तरफ रख दें।
Soya chaap
  • अब कड़ाही में 2 टेबलस्पून तेल और 1 टी स्पून मक्खन डालकर उसे गर्म करें। इसके बाद इसमें तेजपत्ता, दालचीनी, लौंग, जीरा डालकर भूनें। जब मसालों में से खुशबू आनी शुरू हो जाए तो उसमें बाकी बचे सारे मसाले डालकर मिलाएं और फिर सॉट करें। जब मसाले अच्छी तरह से भुन जाएं तो इसमें प्याज-टमाटर का बनाया हुआ पेस्ट डालें। अब मसाले को 5-7 मिनट तक मीडियम आंच पर पकने दें।
  • जब ग्रेवी तेल छोड़ना शुरू कर दे तो उसमें मैरिनेट किया हुआ मसाला Soya chaap डालें और ग्रेवी के साथ अच्छी तरह से मिलाकर 2-3 मिनट तक पकाएं। इसके बाद इसमें 1 कप पानी डालें और मिक्स करें। अब कड़ाही को ढक दें और Soya chaap को 15 मिनट तक मीडियम आंच पर पकने दें। इस दौरान बीच-बीच में चाप को चलाते भी रहें। अंत में इसमें कसूरी मेथी मिला दें और गैस बंद कर दें। 
  • स्वाद से भरपूर Soya chaap बनकर तैयार है। इसे रोटी या नान के साथ सर्व करें।

सुझाव :

  • यदि आप फ्रोजन Soya chaap का उपयोग कर रहे हैं तो मसालों में मैरीनेट करने से पहले उन्हें पैकेट के निर्देशों के अनुसार डीफ़्रॉस्ट करें।
  • आप Soya chaap को रात भर भी मैरीनेट कर सकते है।
  • आटा गूंथते समय इस बात का ध्यान रखें कि पानी की मात्रा ज्यादा न हो, नहीं तो आटा बेलने में बहुत नरम हो जायेगा.
  • यदि आटा बहुत चिपचिपा है, तो आप आवश्यकतानुसार अधिक मैदा मिला सकते हैं।
  • सोया चंक्स को पीसते समय यह सलाह दी जाती है कि अतिरिक्त पानी निकाल दें और अतिरिक्त पानी निकालने के लिए उन्हें निचोड़ लें और फिर जरूरत पड़ने पर थोड़ा पानी छिड़क कर पीस लें।
  • जब हम उबले हुए Soya chaap को ठंडे पानी में डालते हैं तो इससे गर्म होने की प्रक्रिया बंद हो जाती है।
  • अगर आपके पास सोयाबीन का आटा नहीं है, तो आप सोयाबीन को रात भर भिगोकर बारीक पीस लें और आटा गूंथते समय उसका इस्तेमाल करें।
  • आप चाहें तो Soya chaap को डीप फ्राई भी कर सकते हैं।
  • ब्लेंड करते समय पानी मिलाने की जरूरत नहीं है क्योंकि प्याज और टमाटर में काफी नमी होती है।
  • आप इसे नान या रोटी के साथ परोस सकते हैं।

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Soya Chaap खाने के फायदे :

  • इससे प्लांट बेस्ड प्रोटीन की प्राप्ति होती है। Soya chaap खाने से हमारे मसल्स मज़बूत बनते हैं। डाइजेशन में सुधार होता है और इसमें मौजूद अमीनो एसिड इम्यून सिस्टम को नई ताकत प्रदान करता है।
  • हमारी हड्डियों को ताकत मिलती है। साथ ही एंटी ऑक्सीडेंटस का प्रमुख सोर्स है। इसमें इसोफलेवॉस नाम के कम्पाउंड पाए जाते है। इससे शरीर में सूजन और तनाव की स्थ्ति दूर होती है।
  • Soya chaap प्रोटीन और फाइबर के साथ साथ कैल्शियम का एक रिच सोर्स है। इसको खाने से बॉडी में कैल्शियम की मात्रा बढ़ती है।
  • Soya chaap सोयाबीन से बना है, जो शोध के अनुसार, स्ट्रोक और कोरोनरी हृदय रोग के कम जोखिम से जुड़ा है।
  • सोयाबीन ओमेगा-3 फैटी एसिड का एक बड़ा स्रोत है, जो हृदय स्वास्थ्य और दिल के दौरे और स्ट्रोक जैसी स्थितियों को बनाए रखने में मदद करता है।
Soya chaap
  • इसमें फाइटोएस्ट्रोजेन का उच्च स्तर हो सकता है, जो संभावित रूप से शरीर में हार्मोन के स्तर को बाधित कर सकता है।
  • बाजार में उपलब्ध अधिकांश Soya chaap मैदा से बने होते हैं, जो आपके लिए पूरी तरह से अस्वास्थ्यकर है।
  • सोयाबीन एक सामान्य जीएमओ फसल है, इसलिए यदि आप जीएमओ से बचना चाहते हैं, तो आपको Soya chaap खरीदने से पहले लेबल की सावधानीपूर्वक जांच करनी चाहिए।
  • कुछ लोगों को सोयाबीन से एलर्जी होती है, जिसमें दाने, खुजली और सांस लेने में समस्या हो सकती है।
  • Soya chaap हड्ड‍ियों के लिए लाभदायक है। यह हड्ड‍ियों को पोषण देता है जिससे वे कमजोर नहीं होती और हड्डी टूटने का खतरा भी कम होता है। इसका सेवन हड्ड‍ियों की सघनता को बढ़ाने में सहायक है।
  • डाइबिटीज रोगियों के लिए भी यह कमाल का असर करता है और रक्त में शर्करा की मात्रा को नियंत्रित कर उसे बढ़ने से रोकता है। इस तरह से आपकी डाइबिटीज नियंत्रण में रहती है।
  • इसमें भरपूर मात्रा में आयरन होता है जो खास तौर से महिलाओं के लिए बेहद फायदेमंद है और एनिमिया व ऑस्ट‍ियोपोरोसिस से बचाने में लाभप्रद है। वहीं कमजोरी होने पर भी यह बेहद असरदार है।

Soya Chaap खाने के नुकसान :

  • सोया बीन संबधी फूडस में प्यूरीन का लेवल हाई होता है। इससे शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने का खतरा बना रहता है।
  • इसके अलावा बाजार में कई जगह मिलने वाली Soya chaap मैदे से कोटिड होती है, जो शरीर के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।
  • सोया का अधिक सेवन शरीर में एलर्जी और रैशेज का कारण साबित हो सकता है।
  • Soya chaap में जटिल कार्बोहाइड्रेट होते हैं जिन्हें पचाना कुछ लोगों के लिए मुश्किल होता है। इससे पाचन संबंधी समस्याएं जैसे सूजन, गैस और दस्त हो सकते हैं। सोयाबीन में फाइबर भी अधिक होता है, जो समग्र पाचन स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है, लेकिन इसके अत्यधिक सेवन से असुविधा और पाचन संबंधी अन्य समस्याएं हो सकती हैं।
Soya chaap
  • Soya chaap सेहत के लिए बेहतर है, लेकिन इसके अधिक सेवन से शरीर में एस्ट्रोजन की मात्रा बढ़ जाती है, जिसकी वजह से महिलाओं को पीरियड्स में अधिक ब्लीडिंग, मेंसट्रूअल सायकल में गड़बड़ी, भूख न लगना, अनिद्रा, तनाव, अचानक वजन बढ़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
  • Soya chaap में फाइबर और प्रोटीन की मात्रा बहुत अधिक होती है और इसका सेवन करने से हाई कोलेस्ट्रॉल हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिज़िज़ेज़, डायबिटीज और प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम जैसी बीमारियों से बचाव के लिए इसके सेवन की सलाह दी जाती हैं। लेकिन, इतने फायदों के बावजूद Soya chaap का सेवन हर स्थिति में या हर व्यक्ति के लिए फायदेमंद नहीं है।
  • सोया प्रॉडक्ट्स का अधिक सेवन करने से आपके लिए हाइपरथाइरोइडज्म का रिस्क बढ़ सकता है। थायराइड ग्लैंड के प्रभावित होने से लोगों को गॉइटर और ऑटोइम्यून थायराइड जैसी बीमारियां भी होने का डर बढ़ सकता है। इसी तरह सोया का सेवन करने से थायराइड के इलाज के दौरान दी जाने वाली दवाइयों को भी ठीक तरीके से काम नहीं करने देतीं। जिससे थायराइड के लक्षणों से लम्बे समय तक आराम नहीं मिल पाता।

पोषक तत्त्व :

  • कैलोरी: 217 किलो कैलोरी
  • कार्बोहाइड्रेट: 13 ग्राम
  • प्रोटीन: 5 ग्राम
  • वसा: 17 ग्राम
  • संतृप्त वसा: 2 ग्राम
  • ट्रांस फैट: 1 ग्राम
  • कोलेस्ट्रॉल: 3 मिलीग्राम
  • सोडियम: 323 मिलीग्राम
  • पोटैशियम: 429 मिलीग्राम
  • फाइबर: 4 ग्राम
  • चीनी: 6 ग्राम
  • विटामिन ए: 1217 आईयू
  • विटामिन सी: 21 मिलीग्राम
  • कैल्शियम: 87 मिलीग्राम
  • आयरन: 2 मिलीग्राम

निष्कर्ष :

दोस्तों, मुझे विस्वास है आपको ये Soya chaap की रेसिपी बनाने कि विधि बहुत पसंद आयी होगी। अगर आप  रेस्टोरेंट या होटल का Soya chaap ना खाना चाहे तो आप इस लेख से घर पर ही Soya chaap रेसिपी बनाने का आसान तरीका बताया गया है। जिससे आप रेस्टोरेंट या होटल से लाने की बजाय घर पर आसान तरीकों से बना सकते हैं। इसके साथ साथ इस रेसिपी में Soya chaap खाने के फायदे, नुकसान, पोषण और सुझाव बताया गया है।

Soya chaap

अगर इससे लेकर कोई भी डाउट है तो आप कमेंट बॉक्स में पूछ सकते है। या फिर अगर आपको इसके अलावा कोई और रेसिपी के बारे में जानना है जो कि मैंने अभी तक नहीं बताया है तो आप कमेंट बॉक्स में पूछ सकते है। मैं कोशिश करुँगी कि आपके सवालो के जवाब जल्द से जल्द दे दू।

क्या Soya chaap में कोलेस्ट्रॉल होता है?

सोया प्राकृतिक रूप से कोलेस्ट्रॉल मुक्त होता है और इसमें संतृप्त वसा कम होती है।

सोया चाप या चिकन कौन सा बेहतर है?

Soya chaap प्रोटीन पौधे आधारित प्रोटीन का सबसे अच्छा स्रोत है । Soya chaap से आपको सबसे ज्यादा पोषक तत्व मिल सकते हैं। आप पूरे चिकन से 27 ग्राम प्रोटीन, गाय के दूध से 3.5 ग्राम, एक अंडे से 13 ग्राम और 36 ग्राम Soya chaap प्रोटीन प्राप्त कर सकते हैं।

क्या सोया चाप कब्ज के लिए अच्छा है?

सोया प्रोटीन की बड़ी खुराक कुछ लोगों में कब्ज पैदा कर सकती है या इसे बदतर बना सकती है। यदि आपको कब्ज की समस्या है, तो अपने आहार में सोया प्रोटीन की खुराक शामिल करने से पहले अपने चिकित्सक से बात करें।

चाप खाने के क्या फायदे हैं?

सोया चाप प्रोटीन, खनिज, फाइबर, विटामिन और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर है। इस खाद्य उत्पाद में स्वस्थ वसा, सोडियम, लौह, कैल्शियम और लाभकारी पोषक तत्व होते हैं।

सोया चाप क्यों नहीं खाना चाहिए?

सोया चाप सेहत के लिए बेहतर है, लेकिन इसके अधिक सेवन से शरीर में एस्ट्रोजन की मात्रा बढ़ जाती है, जिसकी वजह से महिलाओं को पीरियड्स में अधिक ब्लीडिंग, मेंसट्रूअल सायकल में गड़बड़ी, भूख न लगना, अनिद्रा, तनाव, अचानक वजन बढ़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

क्या सोया चाप बनाना आसान है?

सोया चाप बनाना बहुत ही आसान है। इसे आप घर पे कभी भी किसी भी समय आसानी से घर पे बना सकते है और घर पे आये मेहमानों को परोस सकते है।

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